Saturday, July 2, 2016

ये कोनसा दौर हैं ??

A full mixture of mood.... 

(When u are sitting lonely and thinking about something for a long and found NO CONCLUSION..!!!) 
ना शांत हैं, ना शोर हैं, 
इक धुंध सी चारो ओर हैं, 
दिल में उठे सवालों का, 
यह कोनसा दौर हैं.....? 

(When you think this is your happiest moments and few hours latter you realize that the moment was not as happiest as it can overcome the worst thing which just came to you...!!!)
कभी मधुबन में नाचता मोर हैं, 
कभी शांत से साहिल का कोई छोर हैं, 
बनते-बिखरते बुलबुलों का, 
यह कोनसा दौर हैं.....? 

(When you need someone...don't be panic, I mean someone who still in relationship with you..!! but not with you to hug you, hold you....but still you can feel the warmness of that hug could be.) 
ना पास कोई, ना कोई दूर हैं, 
दूरियों के आगे हर कोई मजबूर हैं, 
फसलों में सिमटे रिश्तों का, 
 यह कोनसा दौर हैं.....? 

(You are tooooo busy in your work environment OR get bored with your daily schedule..hope something to be change....) 
ज़िन्दगी तो आजकल जैसे कोई दौड़ हैं, 
अंजान पथ का, यह कोनसा मोड़ हैं, 
उमंगों में छुपी वीरानियों का, 
यह कोनसा दौर हैं.....? 

(Something broken...something crying inside you... Mostly just after break-up) 
दुनिया की भीड़ में, तन्हाइयों का शोर हैं, 
गुमनाम इस दुनियां में, अँधियारा हर इक ओर हैं, 
सन्नाटे में गूंजती पुकार का, 
यह कोनसा दौर हैं.....? 

(Govt. System, Bloody Politics and their Vote bank theory...) 
भ्रष्ठ, कपट स्वार्थ ही चहुँ ओर हैं, 
सीने में लोगों की, दिल नहीं कुछ ओर हैं, 
निपट स्वार्थ की इस मलीन दुनिया का, 
यह कोनसा दौर हैं.....? 

(No one can forget Delhi victims...) 
अबला अस्मत के लुटेरे फैले हर इक ओर हैं, 
किसे पुकारे यहाँ, जब दिखता हर कोई चोर हैं, 
सत्ता, शाशन और बिगड़े परिवेश का, 
यह कोनसा दौर हैं.....? 

(This bloody Corrupt System need to be changed....but it's can't be done by only ONE..) 
मैं तो हूँ, पर नई हैं हम, 
आंख भी हैं थोड़ी नम, 
बस अपनी ही धड़कनो का शोर हैं, 
यह कोनसा दौर हैं.....? 
यह कोनसा दौर हैं.....? 


 बसंत कुमार वर्मा

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